Arts & Humanities
1st Edition
by ज्योति गौर, पूनम
Publishedतुलनात्मक सरकार एवं राजनीति विषय राजनीति विज्ञान के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक क्षेत्र है, जिसके माध्यम से विभिन्न देशों की शासन-व्यवस्थाओं, राजनीतिक संस्थाओं, संवैधानिक संरचनाओं तथा राजनीतिक प्रक्रियाओं का तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है। प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं राजनीति विज्ञान के अध्येताओं को तुलनात्मक राजनीति की मूल अवधारणाओं तथा समकालीन राजनीतिक व्यवस्थाओं को सरल, व्यवस्थित और विश्लेषणात्मक रूप में समझने में सहायता प्रदान करना है। पुस्तक में विभिन्न शासन प्रणालियों, लोकतांत्रिक एवं गैर-लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं, कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका, राजनीतिक दलों तथा निर्वाचन प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समाहित किया गया है। बदलते वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए विषय-वस्तु को समकालीन संदर्भों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आशा है कि यह पुस्तक पाठकों में आलोचनात्मक चिंतन, तुलनात्मक दृष्टिकोण और राजनीतिक समझ को विकसित करने में उपयोगी सिद्ध होगी। पाठकों एवं विद्वानों के सुझाव आगामी संस्करणों को और अधिक समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।
Read full description| Pages | 260 |
| Edition | 1st Edition |
| Language | Hindi |
| ISBN | 978-81-181525-0-7 |
| Publisher | TRB Publications |
| Published | October 2, 2026 |
| Format | DOCX |
A quick insight into what this book covers and why it matters.
तुलनात्मक सरकार एवं राजनीति विषय राजनीति विज्ञान के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक क्षेत्र है, जिसके माध्यम से विभिन्न देशों की शासन-व्यवस्थाओं, राजनीतिक संस्थाओं, संवैधानिक संरचनाओं तथा राजनीतिक प्रक्रियाओं का तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है। प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं राजनीति विज्ञान के अध्येताओं को तुलनात्मक राजनीति की मूल अवधारणाओं तथा समकालीन राजनीतिक व्यवस्थाओं को सरल, व्यवस्थित और विश्लेषणात्मक रूप में समझने में सहायता प्रदान करना है। पुस्तक में विभिन्न शासन प्रणालियों, लोकतांत्रिक एवं गैर-लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं, कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका, राजनीतिक दलों तथा निर्वाचन प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समाहित किया गया है। बदलते वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए विषय-वस्तु को समकालीन संदर्भों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आशा है कि यह पुस्तक पाठकों में आलोचनात्मक चिंतन, तुलनात्मक दृष्टिकोण और राजनीतिक समझ को विकसित करने में उपयोगी सिद्ध होगी। पाठकों एवं विद्वानों के सुझाव आगामी संस्करणों को और अधिक समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।
शोधार्थी, राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग, निम्स विश्वविद्यालय राजस्थान
शोधार्थी,राजनीति विज्ञान विभाग, बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, हरियाणा