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भारत में खाद्य सुरक्षा: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का तुलनात्मक अध्ययन

PDF (1.2MB) , PP.56-63

Author(s)

poonam

1. baba masthnath university, rohtak

* Corresponding author.

DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.22979779

Received: 21 Sep. 2026 / Revised: 22 Sep. 2026 / Accepted: 22 Sep. 2026 / Published: 26 Sep. 2026

Abstract

प्रस्तुत शोध में भारत में ग्रामीण में शहरी क्षेत्र पर खाद्य सुरक्षा के बारे में अध्ययन किया गया है। भारत में खाद्य सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जो देश की आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक स्थिति से जुड़ा हुआ है।खाद्य सुरक्षा का अर्थ है सभी नागरिकों को भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों से भरपूर सुरक्षित और सस्ती खाद्य सामग्री समय पर उपलब्ध हो सके। खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाएं व कार्यक्रम लागू किए गए हैं,जिनका उद्देश्य देश के ग्रामीण व शहर स्तर पर खाध सामग्री की पहुंच सुनिश्चित करना है। प्रस्तुत शोध में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बारे में बताया गया है। इस अधिनियम के माध्यम से गरीब और कमजोर लोगों को खाद्य सामग्री सस्ते मूल्य पर उपलब्ध होती है। इसके तहत राशन कार्ड धारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गेहूं और मोटे अनाज जैसे खाद्यान्न प्रदान किए जाते हैं। प्रस्तुत शोध में ग्रामीण स्तर पर खाद्य सुरक्षा के बारे में भी अध्ययन किया गया है, जिसमें सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाएं लागू की गई है,जिसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण भुखमरी और खाद्यान्न की कमी जैसी समस्याओं को दूर करना है। प्रस्तुत शोध के माध्यम से यह बताया गया है कि केवल खाधान की आपूर्ति ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है, कि खाद्य सामग्री पोशाक सुरक्षित और सस्ती हो सरकार और समाज दोनों को मिलकर खाद्य सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि हर ग्रामीण परिवार को उचित आहार मिल सके और कुपोषण भुखमरी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सके। प्रस्तुत शोध में यह बताया गया है, कि शहरों में भी खाद्य सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। क्योंकि शहरी क्षेत्र में अधिक जनसंख्या विविधता और सामाजिक आर्थिक असमानताएं होती हैं। खाद्य सुरक्षा का मतलब है कि सभी लोगों को पर्याप्त पोषक और सुरक्षित भोजन मिल सके खास तौर पर गरीब और वंचित वर्गों के लिए शहरों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की जाती है। जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी व्यक्ति भुखमरी और कुपोषण का शिकार ना हो।

Keywords: ज्ञमलूवतकेरू, खाद्य, कुपोषण, गरीबी

Cite This Paper

पूनम, & ज्योति. (2026). भारत में खाद्य सुरक्षा: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का तुलनात्मक अध्ययन. TRB Journal of Multidisciplinary Research (TRBJMR), 1(2), 56–63. https://doi.org/10.5281/zenodo.22979779

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